രാമചന്ദ്രന് നായര് കെ.
Janastru ജനശത്രു
- Kottayam National Book Stall 1984
- 178
Generalकथ्य और शिल्प-सम्बन्घि पुर्वग्रह, टाहप, व्यक्ति, अज्ञàय, यशपाल, भगवतिसरण पर्मा, मई कहानि, नाम कि सार्थकिता नगर-कथा, आन्तरिक प्रभाव, कहानि-संग्रह, पत्रिकाएँ, अंग्रàजी पुस्तकá
894.812 3 / RAM-J