Pratima nataka प्रतिमानाटकम - 2nd ed. - New Delhi The Sri Balamanorama Press 1951 - 312P, 18CM


Generalजनजीवन और साहित्य, लोकगीत और भाषा परिवर्तन , कवि और प्रकुति ,आधुनिक काव्या में ेंनडनवाद , कवि सुमित्रानंदन पतं , बाणभटटकी आत्मकथा

891.22 / BHA-P