000 00827nam a2200157Ia 4500
008 210324s9999||||xx |||||||||||||| ||und||
040 _cSTCPL
041 _hENG
082 _a230
_bSHE-C
100 _aSheehan M.
245 0 _aCatholic doctrine
260 _aNewdelhi
_bM.H Gill And Son Ltd.
_c1930
300 _a18C.M,VIII,197P
650 _aChristian Theology Christian Doctrinal Theologyरूपक का विकास, रूपक का परिचय, वस्तु का विन्यास, पात्रों का प्रयोग, वृत्तयों का विचार, रूपक की रूप-रचना, रूपक और उपरूपक, रसों का रहस्य, भारतीय रंगशाला था प्रेद्दागृह
942 _cBK
999 _c5358
_d5358